"The most beautiful of all Indian festivals, Diwali is a celebration of lights.
The word 'Deepawali' literally means rows of diyas (clay lamps)."
सभी भारतीय त्योहारों में सबसे सुंदर, दिवाली रोशनी का उत्सव है।
दीपावली शब्द का शाब्दिक अर्थ है दीयों (मिट्टी के दीये) की पंक्तियाँ।
"This is one of the most popular festivals in the Hindu calendar.
It is celebrated on the 15th day of Kartika."
यह हिंदू कैलेंडर में सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है।
यह कार्तिक के 15 वें दिन मनाया जाता है।
Culture And Heritage Festivals OF INDIA
"Diwali, is a festival of lights symbolising the victory of righteousness and the lifting of spiritual darkness."
"दीवाली, धार्मिकता की जीत और आध्यात्मिक अंधकार को दूर करने का प्रतीक है।"
"This festival commemorates Lord Rama's return to his kingdom Ayodhya after completing his 14 years exile."
"यह त्यौहार भगवान राम के 14 साल के वनवास को पूरा करने के बाद उनके राज्य अयोध्या लौटने की याद दिलाता है।"
Have a happy, safe, and blessed Diwali! With the shining of diyas and the echoes of the chants, may prosperity and happiness of this festival of lights fill our lives.
May the millions of lamps of Diwali illuminate your life with happiness, joy, peace and health.
Wish you and your family a very prosperous Diwali.
Houses are illuminated with rows of clay lamps and homes are decorated with colours and candles.
घरों को मिट्टी के दीपक की पंक्तियों से रोशन किया जाता है और घरों को रंगों और मोमबत्तियों से सजाया जाता है।
"This festival is celebrated with new clothes, spectacular firecrackers and a variety of sweets in the company of family and friends."
"यह त्यौहार नए कपड़े, शानदार पटाखे और परिवार और दोस्तों की कंपनी में विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के साथ मनाया जाता है।"
All this illumination and fireworks, joy and festivity, signify the victory of divine forces over those of wicked.
यह सब रोशनी और आतिशबाजी, खुशी और उत्सव, दुष्टों पर दिव्य बलों की जीत का प्रतीक है।
AN ANOTHER story of DEEPAwali festival
राजा बली के संबंध में दीवाली उत्सव की दक्षिण में एक और कथा है। हिंदू पुराणों के अनुसार, राजा बली एक दयालु दैत्यराज था। वह इतना शक्तिशाली था कि वह स्वर्ग के देवताओं व उनके राज्य के लिए खतरा बन गया। बली की ताकत को मंद करने के लिए विष्णु एक बौने भिक्षुक ब्राह्मण के रूप में आए।
ब्राह्मण ने चतुराई से राजा से तीन पग के बराबर भूमि मांगी। राजा ने खुशी के साथ यह दान दे दिया। बली को कपट से फंसाने के बाद, विष्णु ने स्वयं को प्रभु के स्वरूप में पूर्ण वैभव के साथ प्रकट कर दिया। उसने अपने पहले पग से स्वर्ग व दूसरे पग से पृथ्वी को नाप लिया। यह जानकर कि उसका मुकाबला शक्तिशाली विष्णु के साथ है, बली ने आत्म समर्पण कर दिया व अपना शीश अर्पित करते हुए विष्णु को अपना पग उस पर रखने के लिए आमंत्रित किया।
विष्णु ने अपने पग से उसे अधोलोक में धकेल दिया। इसके बदले में विष्णु ने, समाज के निम्न वर्ग के अंधकार को दूर करने के लिए उसे ज्ञान का दीपक प्रदान किया।
उसने, उसे यह आशीर्वाद भी दिया कि वह वर्ष में एक बार अपनी जनता के पास अपने एक दीपक से लाखों दीपक जलाने के लिए आएगा ताकि दीवाली की अंधेरों रात को, अज्ञान, लोभ, ईर्ष्या, कामना, क्रोध, अहंकार और आलस्य के अंधकार को दूर किया जा सके, तथा ज्ञान, विवेक और मित्रता की चमक लाई जा सके।
आज भी प्रत्येक वर्ष दीवाली के दिन एक दीपक से दूसरा जलाया जाता है, और बिना हवा की रात में स्थिर जलने वाली लौ की भांति संसार को शांति व भाइचारे का संदेश देती है।
"धनतेरस"
13 नवंबर 2020
कार्तिककृष्णपक्षकीत्रयोदशी
कार्तिककृष्णपक्षकीत्रयोदशी तिथि के दिन धनवंतरी का जन्म हुआ था। इसीलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। धनवंतरी जब प्रकट हुए थे। तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था।
भगवान धन्वंतरी क्योंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परंपरा है। कहीं-कहीं लोक मान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें 13 गुना वृद्धि होती है।
धनतेरस के दिन चांदी खरीदने की प्रथा है। इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि यह चंद्रमा का प्रतीक है जो शीलता प्रदान करता है, और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। जिसके पास संतोष है, वे स्वस्थ है, सुखी है, और वही सबसे धनवान है। उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना के लिए संतोष रूपी धन से बड़ा कोई धन नहीं है।
लोग इस दिन औषधि भी खरीद सकते हैं, धनतेरस के दिन नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है। अगर कपड़े खरीद रहे हैं तो सफेद या लाल रंग के कपड़े खरीदना शुभ माना जाता है।
धनतेरसकेदिन क्या नहीं खरीदना चाहिए।
स्टील कांच और लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए लोहा शनि ग्रह का कारक है और स्टील और कांच राहु ग्रह से संबंधित है अगर संभव हो तो प्लास्टिक और एलुमिनियम का सामान भी ना खरीदें।
धनतेरस के दिन लोग स्टील के बर्तन खरीदते हैं। जबकि मान्यता के अनुसार इस दिन स्टील के बर्तन नहीं खरीदनी चाहिए, क्योंकि स्टील धातु राहु का कारक है जो घर में लाना शुभ नहीं माना जाता।